सार: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से चल रही अपनी भूख हड़ताल आखिरकार खत्म कर दी है। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी अभी भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है, लेकिन वांगचुक ने सरकार के साथ हुई लंबी बातचीत के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। सरकार ने शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे पर तो कोई साफ जवाब नहीं दिया है, लेकिन NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में चर्चा का भरोसा जरूर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वांगचुक और सरकार के बीच क्या डील हुई है और आगे इस आंदोलन का क्या होगा।
मेदांता अस्पताल में मंत्रियों ने तुड़वाया अनशन
शुक्रवार को वांगचुक ने एक 11 मिनट का वीडियो मैसेज शेयर करके अपने अनशन तोड़ने की जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मंत्री जितेंद्र सिंह, लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं के साथ मेदांता अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्होंने वांगचुक से बातचीत कर उनका अनशन खत्म करवाया। वांगचुक ने बताया कि सरकार के साथ कई शर्तों पर गंभीर बातचीत हुई है। इसके अलावा, देश में हिंसा भड़कने के खतरे को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर वांगचुक का क्या कहना है?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार ने तुरंत कोई आश्वासन नहीं दिया है। इस पर वांगचुक का कहना है कि उनका दिमाग थोड़ी अलग तरह से सोचता है। उन्होंने कहा, "मेरे पास दो ही रास्ते थे, या तो मैं हफ्तों तक अनशन पर बैठा रहूं और अपनी जान दे दूं। लेकिन मुझे लगता है कि हमने इस आंदोलन से बहुत कुछ हासिल किया है।"
उन्होंने आगे कहा कि अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो इससे बच्चों या हमारा नुकसान नहीं है, बल्कि सरकार अपना ही नुकसान कर रही है। इस्तीफा दे देने से उनका काफी नुकसान बच सकता था। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उनके लिए मंत्री का इस्तीफा उतनी बड़ी बात नहीं थी, बल्कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह थी कि बच्चों और छात्रों पर कोई पुलिस केस दर्ज ना हो।
सरकार ने किन बातों पर दी सहमति?
इस पूरी बातचीत में सरकार की तरफ से कुछ अहम वादे किए गए हैं:
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संसद में चर्चा: स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि हाल ही में हुए पेपर लीक और परीक्षा सिस्टम में सुधार के मुद्दे पर संसद में विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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पीड़ित परिवारों को मुआवजा: NEET पेपर लीक विवाद के कारण जान देने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार पॉजिटिव तरीके से विचार कर रही है।
CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रहेगा जारी
अनशन तोड़ने के इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोनम वांगचुक का शुक्रिया अदा किया है। हालांकि, पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि उनका विरोध प्रदर्शन थमेगा नहीं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनका धरना जारी रहेगा।
इस मुद्दे का हल निकालने के लिए शुक्रवार को ही दोपहर करीब 12:30 बजे CJP के प्रतिनिधियों और सरकार के मंत्रियों के बीच एक अहम मीटिंग (Meeting) भी होने जा रही है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

