CJP Parliament March: 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले, दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रस्तावित 'चलो संसद' को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि NEET विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाले इस मार्च को कोई परमिशन नहीं दी गई है। नई दिल्ली इलाके में BNSS Section 163 (पहले की धारा 144) लागू कर दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों पर BNS Section 223 के तहत सख्त एक्शन लिया जाएगा।
CJP Parliament March को नहीं मिली Permission
20 जुलाई को CJP ने 'चलो संसद' मार्च का ऐलान किया था। इसका मुख्य मकसद NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों का विरोध करना और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि इस मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई थी और न ही दी गई है। चूंकि संसद के आसपास का इलाका एक हाई-सिक्योरिटी जोन है, इसलिए बिना परमिशन किसी भी मार्च या प्रदर्शन को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं मिलेगी।
नई दिल्ली में Section 163 लागू
संसद का मानसून सत्र भी 20 जुलाई से ही शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 (जिसे पहले CrPC की धारा 144 कहा जाता था) लगा दी है। इसके तहत अब किसी भी जगह 5 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते, और न ही कोई जुलूस या प्रदर्शन कर सकते हैं।
PUBLIC ADVISORY
— DCP New Delhi (@DCPNewDelhi) July 19, 2026
In view of reports of a proposed march to Parliament by CJP on 20.07.2026 (Monday), Delhi Police hereby categorically clarifies that no permission has been sought or granted for any such protest march/procession.
Prohibitory order under Section 163 BNSS…
आम जनता, VIPs और महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की बारीकी से चेकिंग की जा रही है और पुलिस की गश्त भी तेज कर दी गई है।
जंतर-मंतर पर अनशन और सोनम वांगचुक की बिगड़ी तबीयत
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए तय जगह जंतर-मंतर पर भी कोई सभा या भीड़ जुटाने से पहले मंजूरी लेना अनिवार्य है। फिलहाल जंतर-मंतर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का अनशन लगातार जारी है। इसी बीच, शनिवार को सोनम वांगचुक की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए तुरंत सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
नियम तोड़ने वालों पर होगा सख्त लीगल एक्शन
पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति Section 163 के नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ BNS की धारा 223 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी। संसद सत्र के दौरान किसी भी हालात से तुरंत निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह ही कड़ी रहेगी।

