Sonam Wangchuk Health Update: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन तबीयत अचानक बिगड़ गई है, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। उनके शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और भारी कमजोरी के लक्षण हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें तुरंत IV फ्लूइड और मेडिकल सपोर्ट की जरूरत है, लेकिन वांगचुक और उनके परिवार ने किसी भी तरह का इलाज लेने से साफ मना कर दिया है। यह आर्टिकल सोनम वांगचुक की मौजूदा मेडिकल कंडीशन और अस्पताल की लेटेस्ट रिपोर्ट की पूरी जानकारी देता है।
जंतर-मंतर से पुलिस ने जबरन अस्पताल पहुंचाया
शनिवार (18 जुलाई) की सुबह जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने लगी। भूख हड़ताल का यह 21वां दिन था। स्थिति को देखते हुए सुबह करीब 7:40 बजे दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन वहां से उठाया और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) एवं सफदरजंग अस्पताल लेकर गई। इस दौरान जंतर-मंतर पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बन गया था।
अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक, भर्ती किए जाते वक्त वांगचुक पूरी तरह होश में थे। उनके बेहोश होने की कोई घटना सामने नहीं आई। उस समय उनकी पल्स रेट, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन का स्तर बिल्कुल नॉर्मल था।
9 बजे जारी हुआ हेल्थ बुलेटिन: शरीर में पानी की भारी कमी
शनिवार रात 9 बजे सफदरजंग अस्पताल ने 59 वर्षीय सोनम वांगचुक का एक ताजा हेल्थ बुलेटिन जारी किया। अस्पताल ने बताया कि मरीज होश में है और शारीरिक रूप से (हीमोडायनामिकली) स्थिर है। पल्स और बीपी भी सामान्य रेंज में हैं।
हालांकि, लंबे समय तक भूखे रहने की वजह से वांगचुक के शरीर में डिहाइड्रेशन के साफ लक्षण दिख रहे हैं और वे काफी कमजोर हो चुके हैं। मेडिकल टेस्ट में कई गंभीर बातें सामने आई हैं:
- ब्लड गैस एनालिसिस में "कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस" की पुष्टि हुई है।
- उनके सीरम पोटेशियम का स्तर काफी कम मिला है। जब दोबारा जांच की गई, तब भी पोटेशियम का लेवल कम ही पाया गया।
- उनका ब्लड शुगर लेवल 78 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) दर्ज किया गया है।
- भर्ती के समय उनके यूरिन में कीटोन का स्तर 1 था, जो तेजी से बढ़ते हुए दोपहर 1 बजे तक 3 पर पहुंच गया।
एम्स के डॉक्टर भी टीम में शामिल, इलाज से मरीज का इनकार
वांगचुक की बिगड़ती हालत को देखते हुए AIIMS, नई दिल्ली के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने भी उनकी जांच की। उन्होंने सफदरजंग के डॉक्टरों की बात से सहमति जताते हुए कहा कि मरीज को गंभीर जटिलताओं से बचाने के लिए तुरंत मुंह से ORS या नस के जरिए IV Drip फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी देनी जरूरी है। इसके लिए AIIMS का एक डॉक्टर भी इलाज करने वाली टीम में शामिल हो गया है, जो लगातार मरीज की निगरानी के लिए वहां मौजूद रहेगा।
इतनी गंभीर मेडिकल जरूरत के बावजूद, सोनम वांगचुक ने IV फ्लूइड, ORS या कोई भी दवा लेने से पूरी तरह इनकार कर दिया है। डॉक्टरों और एम्स के विशेषज्ञ ने उन्हें कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। इसके अलावा, उनके परिवार ने भी अब तक इस मेडिकल प्रक्रिया (इलाज) के लिए अपनी सहमति नहीं दी है।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन ने उन्हें कड़ी मेडिकल निगरानी में रखा हुआ है। डॉक्टरों की टीम लगातार वांगचुक और उनके परिवार को समझाने का प्रयास कर रही है ताकि वे जल्द से जल्द इलाज के लिए राजी हों और उनकी सेहत को किसी बड़े खतरे से बचाया जा सके।

