Nepal Earthquake: नेपाल में एक बार फिर कुदरत का खौफ देखने को मिला, जब बुधवार की रात अचानक धरती डोलने लगी। पश्चिमी नेपाल के बजुरा जिले में रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता का earthquake दर्ज किया गया, जिससे आसपास के कई इलाकों में भी दहशत फैल गई। झटके इतने साफ थे कि लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
रात 9:37 बजे डोली धरती, 750 KM दूर तक असर
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (National Earthquake Monitoring and Research Centre) के मुताबिक, भूकंप के झटके बुधवार रात ठीक 9:37 बजे दर्ज किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 मापी गई।
इस भूकंप का केंद्र पश्चिमी नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में स्थित बजुरा जिले की बुधीगंगा नगरपालिका-10 में जमीन के नीचे था। यह इलाका देश की राजधानी काठमांडू से करीब 750 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
कई जिलों में दहशत, घरों से बाहर निकले लोग
भूकंप का असर सिर्फ बजुरा तक ही सीमित नहीं रहा। इसके तेज झटके आसपास के पड़ोसी जिलों जैसे बाजहांग, कालिकोट और अछाम में भी महसूस किए गए। रात के वक्त अचानक महसूस हुए इन झटकों के बाद घबराए लोग तुरंत अपने घरों और इमारतों से बाहर खुली जगहों की तरफ दौड़ पड़े। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है और फिलहाल कहीं से किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं आई है।
Seismic Zone IV और V में क्यों आता है बार-बार भूकंप?
नेपाल भौगोलिक दृष्टि से हिमालयी क्षेत्र (Himalayan Belt) में बसा हुआ है, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील और सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में गिना जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नेपाल का ज्यादातर हिस्सा Seismic Zone IV और V के तहत आता है। टेक्टोनिक प्लेट्स में होने वाली लगातार हलचल के कारण यहां साल भर हल्के और मध्यम दर्जे के earthquake दर्ज होते रहते हैं।

