सार: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन के दौरान भारी बवाल देखने को मिला। फिलिस्तीन की अपील पर करीब 75 देशों के प्रतिनिधियों ने उनके भाषण का बहिष्कार करते हुए सदन से Walkout किया। मंच से नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी और गाजा में नरसंहार के दावों को 'सदी का सबसे बड़ा झूठ' करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने ईरान, हमास और हिजबुल्लाह पर भी तीखा हमला बोला।
UN में नेतन्याहू के आते ही शुरू हुआ Walkout और हूटिंग
संयुक्त राष्ट्र महासभा का मौजूदा सत्र उस वक्त एक अखाड़े में बदल गया, जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भाषण देने मंच पर पहुंचे। हॉल के अंदर तालियों के साथ-साथ भारी हूटिंग और विरोध की आवाजें गूंजने लगीं। हालात ऐसे हो गए कि महासभा के अध्यक्ष खलीलुर रहमान को बार-बार शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
नेतन्याहू के बोलने से ठीक पहले फिलिस्तीनी मिशन ने UN के 193 सदस्य देशों से अपील की थी कि वे हॉल से बाहर चले जाएं, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि कोई भी देश गाजा के कथित नरसंहार में भागीदार नहीं बनना चाहता। इस अपील का असर भी दिखा और कई देशों के प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से Walkout किया। इस विरोध पर पलटवार करते हुए नेतन्याहू ने सदन छोड़कर जाने वाले प्रतिनिधियों को 'Moral cowards' कह डाला।
'गाजा में नरसंहार सदी का सबसे बड़ा झूठ'
अपने भाषण में नेतन्याहू ने इजरायल पर लग रहे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गाजा में नरसंहार के आरोप पूरी तरह से गलत हैं और यह 'सदी का सबसे बड़ा झूठ' है।
7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले की तुलना उन्होंने अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमले से की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल जो भी कर रहा है, वह पूरी तरह से आत्मरक्षा के दायरे में है और उनका मुख्य टारगेट सिर्फ हमास के आतंकी हैं।
मंच पर दिखाया पेजर
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरान पर हमले का फैसला लेना उनके अब तक के सबसे आसान फैसलों में से एक था। उनका दावा था कि इजरायल जब खुद की रक्षा करता है, तो वह जाने-अनजाने में कई अन्य देशों को भी सुरक्षित कर रहा होता है।
भाषण के दौरान एक हैरान करने वाला पल तब आया जब नेतन्याहू ने हाथ में एक पेजर उठाया। इसके जरिए उन्होंने 17 सितंबर 2024 को लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ हुए उस चर्चित साइबर हमले की याद दिलाई, जिसमें हजारों पेजर एक साथ ब्लास्ट हुए थे।
स्थानीय स्तर पर विरोध
UNGA में भाषण के अलावा, नेतन्याहू के अमेरिकी दौरे का स्थानीय स्तर पर भी कड़ा विरोध हो रहा है। न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने नेतन्याहू को War criminal करार दिया है और उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
हालांकि, स्थानीय प्रशासन के पास अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के वारंट को सीधे लागू करने की पावर नहीं है, फिर भी उन्होंने अमेरिकी संघीय अधिकारियों से इस पर एक्शन लेने का आग्रह किया है। वहीं दूसरी तरफ, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने भी महासभा में अपने भाषण के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे फिलिस्तीनियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस और कड़ा कदम उठाएं।

