सार: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सियासी धमाका हुआ है। बीजेपी के दिग्गज नेता और राम मंदिर आंदोलन के अहम चेहरे रहे विनय कटियार ने दावा किया है कि इस पूरे मामले में भारी गबन हुआ है और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय जल्द ही जेल जा सकते हैं। कटियार ने साफ कहा है कि वह इस मुद्दे पर सीधे पीएम नरेंद्र मोदी के संपर्क में हैं। SIT की मैराथन जांच और आरोपियों को लेकर हो रहे नए खुलासों के बीच, कटियार के इस बयान ने अयोध्या से लेकर दिल्ली तक खलबली मचा दी है। यह पूरा मामला क्या है और कैसे बड़े अधिकारी शक के घेरे में आ रहे हैं, आइए इसे तफ्सील से समझते हैं।
विनय कटियार का दावा: 'चंपत राय का भाग्य ठीक नहीं'
बजरंग दल के संस्थापक और पूर्व सांसद विनय कटियार ने राम मंदिर चंदा चोरी विवाद में सीधे तौर पर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों को आड़े हाथों लिया है। कटियार का स्पष्ट कहना है कि मंदिर के चढ़ावे में 'जबरदस्त गबन' हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में जांच की आंच सीधे चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा तक पहुंचेगी और नौबत इनके जेल जाने तक आ सकती है। कटियार ने यह भी बताया कि इस गंभीर मसले पर उनकी प्रधानमंत्री मोदी से बात हुई है और उन्हें पूरा भरोसा है कि आगे जो भी एक्शन होगा, वो बिल्कुल सही होगा।
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कटियार ने बताया कि उन्होंने चंपत राय को पहले ही चेताया था। उन्होंने कहा, "मैंने चंपत जी से कहा था कि कारसेवकपुरम में रहो या हमारे घर आ जाओ, लेकिन उन्हें बात समझ नहीं आई। मुझे लगता है कि उनका भाग्य ठीक नहीं चल रहा है।"
SIT की इनवेस्टिगेशन
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) एक्शन मोड में है। गुरुवार को अयोध्या में IPS किरण एस की अगुवाई में टीम ने करीब 8 घंटे तक मंदिर परिसर की गहन चेकिंग और पड़ताल की। सूत्रों के मुताबिक, दोपहर 1:40 से लेकर रात 8:30 बजे तक चली इस मैराथन जांच के दौरान ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों से भी लंबी पूछताछ की गई है। SIT पूरी बारीकी से हर उस कड़ी को जोड़ रही है, जिससे पैसों की हेराफेरी का सच सामने आ सके।
आरोपियों को लेकर बड़े खुलासे: कैसे होती थी चोरी?
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, चढ़ावा चोरी के तरीके को लेकर कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं।
- अतुल मिश्रा का 'एंट्री पास': इस मामले में मुख्य आरोपियों में से एक अनुकल्प मिश्रा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि मंदिर के हर विशेष कार्यक्रम में उसे 'व्यवस्था कार्यकर्ता' का पास जारी किया जाता था। इसी पास की आड़ में वह वीआईपी तरीके से मंदिर परिसर में एंट्री लेता था और सीधे चढ़ावे की काउंटिंग प्रोसेस का हिस्सा बन जाता था।
- टिन्नू यादव के परिवार का आरोप: मामले में गिरफ्तार एक अन्य आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के भाई दिनेश यादव ने भी बड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया के सामने आकर दिनेश ने कहा कि उनका भाई पूरी तरह बेकसूर है और चंपत राय व अनिल मिश्रा जैसे बड़े पदाधिकारी खुद को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को मोहरा बना रहे हैं।
अब आगे क्या?
विनय कटियार जैसे कद्दावर नेता का सीधे तौर पर पीएम मोदी का नाम लेकर बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी की बात कहना इस बात का साफ इशारा है कि आने वाले दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट के अंदर बड़े बदलाव और सख्त कानूनी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें SIT की फाइनल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि आस्था के नाम पर हुए इस कथित गबन का असली मास्टरमाइंड कौन है।

