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Ram Mandir Donation Theft Case: 8 आरोपियों के घर पुलिस की रेड, 79 लाख कैश बरामद और ट्रस्ट में बड़े इस्तीफे

सार: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। यूपी पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की है, जिसमें अब तक करीब 79.85 लाख रुपये का कैश बरामद हो चुका है। इस बड़े विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दो अहम सदस्यों- चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। आखिर मंदिर के दान पात्रों से करोड़ों की चोरी कैसे हुई और SIT जांच में सुरक्षा को लेकर क्या बड़ी खामियां सामने आई हैं? आइए इस मामले की पूरी इनसाइड स्टोरी जानते हैं।

राम मंदिर चंदा चोरी: पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन

अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में गबन का मामला सामने आने के बाद यूपी पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव हो गया है। पुलिस ने आठों आरोपियों- रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल और रमाशंकर मिश्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

रविवार को पुलिस ने इन सभी के घरों पर रेड मारी। इस दौरान परिजनों से पूछताछ की गई, उनके बैंक डिटेल्स, प्रॉपर्टी के कागज, आधार और पैन कार्ड जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस इस मामले में कोई भी ढिलाई नहीं बरतना चाहती है।

आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला?

पुलिस की इस रेड में कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं:

  • कैश की बरामदगी: आरोपियों के अलग-अलग ठिकानों से कुल 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। टिन्नू के भतीजे मनीष यादव के घर से भी 2 लाख रुपये मिले हैं।
  • महंगी खरीदारी: चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारी लवकुश मिश्रा ने हाल ही में 1 लाख 10 हजार रुपये कैश देकर एक नई बाइक खरीदी थी।
  • जमीन और कैश: एक अन्य कर्मचारी, जिसकी ड्यूटी चढ़ावे के पास रहती थी, उसके घर से 10 लाख रुपये मिले हैं। इसके अलावा उसने हाल ही में 40 लाख रुपये की जमीन भी खरीदी है, जिस पर काम चल रहा है।

SIT की रिपोर्ट में हुए गंभीर खुलासे

चंदा चोरी का यह विवाद तब तूल पकड़ा जब मंदिर के पूर्व मुख्य लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने करीब 7 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया। इसके बाद 7 जून को अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को उठाया था। ट्रस्ट की सिफारिश पर योगी सरकार ने तुरंत एक SIT का गठन किया।

SIT की शुरुआती जांच में चढ़ावे के मैनेजमेंट में कई बड़ी कमियां पाई गई हैं:

  • SOP का पालन नहीं: कैश की गिनती के दौरान न तो सिक्योरिटी गार्ड्स की ठीक से तैनाती की गई और न ही गिनती वाले कमरे में आने-जाने वाले स्टाफ की कोई तलाशी ली जाती थी।
  • CCTV फुटेज से छेड़छाड़: नियमों के मुताबिक CCTV फुटेज का बैकअप 180 दिनों तक रखा जाना चाहिए था, लेकिन इसे सिर्फ 45 दिनों तक ही सुरक्षित रखा गया।
  • ड्राइवर के पास दानपात्र की चाबी: सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पूर्व ड्राइवर टिन्नू यादव के पास मंदिर की कई हुंडियों (दानपात्रों) की चाबियां थीं। इसी का फायदा उठाकर पैसों की चोरी की गई।
  • सिफारिश पर नौकरी: चढ़ावे की गिनती के प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव को ट्रस्ट के ही एक बड़े पदाधिकारी की सिफारिश पर रखा गया था।

Ram Mandir Trust में बड़े बदलाव की तैयारी

इस भारी विवाद और चंपत राय व डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूरे स्ट्रक्चर को बदलने की तैयारी चल रही है।

  • 11 जुलाई को अहम बैठक: अयोध्या में 11 जुलाई को ट्रस्ट की एक बड़ी मीटिंग होने वाली है, जिसमें इन इस्तीफों को मंजूरी मिलने के साथ-साथ नए बदलावों पर मुहर लगेगी।
  • प्रोफेशनल्स की होगी एंट्री: सूत्रों के मुताबिक, अब दान के पैसों के मैनेजमेंट और हिसाब-किताब के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (CA), पूर्व बैंक अधिकारियों और मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स (MBA) जैसे प्रोफेशनल्स को नियुक्त किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।

पुलिस की जांच अभी भी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दान के पैसों को निकालने का असल तरीका क्या था और कुल कितनी रकम का गबन हुआ है।

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