सार: अयोध्या राम मंदिर निर्माण और चंदे को लेकर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। AAP नेता संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर में सिर्फ चंदे की चोरी नहीं हुई, बल्कि जमीन खरीद से लेकर निर्माण काम तक में भारी कमीशनखोरी चल रही है। उन्होंने दावा किया कि दानपात्र से कैश और गहनों की चोरी के साथ ही निर्माण में 40% कमीशन का खेल चल रहा है। इस आर्टिकल में जानिए संजय सिंह ने किन-किन घोटालों का जिक्र किया और क्यों उन्होंने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सीधे सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रविवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Ram Mandir Donation Theft और जमीन खरीद में घोटाले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि साल 2021 में उन्होंने जिस जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था, वो आरोप आज एक-एक करके सच साबित हो रहे हैं। संजय सिंह ने कहा कि रामलला के दरबार में दानपात्र से लेकर चांदी, आभूषण और चरण पादुका तक सुरक्षित नहीं हैं।
चंदे की चोरी और 40% कमीशन का आरोप
संजय सिंह ने इस मामले को करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ विश्वासघात बताया है। उन्होंने एक इंजीनियर दीनानाथ वर्मा के बयान का हवाला देते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण में 40% कमीशन मांगा जा रहा है। कर्नाटक का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब वहां 40% कमीशन एक राष्ट्रीय मुद्दा बन सकता है, तो राम मंदिर निर्माण से जुड़े ऐसे आरोपों की भी हाई-लेवल जांच होनी चाहिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों, ठेकों और पेमेंट्स के स्वतंत्र ऑडिट की मांग की है।
जमीन खरीद में बड़ा 'गेम'
सांसद संजय सिंह ने 2021 के उस विवादित लैंड डील की याद दिलाई, जहां 2 करोड़ रुपये की जमीन महज पांच मिनट के अंदर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली थी।
उन्होंने बताया कि जमीन खरीद से जुड़े 13 अहम डाक्यूमेंट्स वे पहले ही जांच एजेंसियों को सौंप चुके हैं। उनका दावा है कि कई जगहों पर कौड़ियों के भाव वाली जमीनें करोड़ों में खरीदी गईं। दान में मिली जमीन तक को ट्रस्ट को एक करोड़ रुपये में बेच दिया गया।
केजरीवाल के अयोध्या जाने के बाद ही FIR क्यों?
संजय सिंह ने SIT की कार्रवाई की टाइमिंग पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "मैं 2021 से लगातार शिकायतें और सबूत दे रहा था, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ। जब AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल खुद अयोध्या पहुंचे, रामलला के दर्शन किए और SIT को डाक्यूमेंट्स सौंपे, तब जाकर आनन-फानन में 8 लोगों पर FIR दर्ज की गई।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों को गिरफ्तार या नामजद किया गया है, उन्हें सिर्फ बैंक का अस्थाई कर्मचारी बताया जा रहा है, जबकि असल में वे ट्रस्ट से जुड़े रसूखदार लोगों के रिश्तेदार हैं। कैश गिनने के काम में इन्हीं लोगों को लगाकर चोरी का पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था।
40 दिन नहीं, 2020 से हो CCTV की जांच
संजय सिंह के मुताबिक, अगर जांच एजेंसियों को सिर्फ 40 दिनों की CCTV फुटेज में ही 70 बार चोरी के सबूत मिल गए हैं, तो यह मामला बहुत बड़ा है। उन्होंने मांग की कि जांच सिर्फ 40 दिनों तक सीमित न रहे। साल 2020 से लेकर अब तक की पूरी CCTV फुटेज, दानपात्र का रिकॉर्ड और नकदी गिनने की पूरी प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
संजय सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश के हर छोटे-बड़े मुद्दे पर बोलते हैं, लेकिन अयोध्या राम मंदिर घोटाले पर उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
AAP नेता ने साफ किया कि बीजेपी सरकार द्वारा बनाई गई SIT और ट्रस्ट से किसी निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने इस पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी या न्यायिक निगरानी में जांच कराने की मांग की है। संजय सिंह ने चेतावनी दी है कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में जाएगी और आने वाले समय में कुछ और नए डाक्यूमेंट्स भी जनता के सामने रखेगी।

