सार: पुणे के हाई-प्रोफाइल Ketan Agarwal Murder Case में जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। रविवार, 28 जून की सुबह पुणे पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को लेकर लोहागढ़ किले पहुंची। पुलिस ने 400 फीट गहरी खाई में एक डमी फेंककर क्राइम सीन रीक्रिएट किया ताकि घटना की असलियत का पता लगाया जा सके। इस मर्डर मिस्ट्री में यह जानना बेहद जरूरी है कि कैसे एक तय हो चुकी अरेंज मैरिज से बचने के लिए सिया ने अपने मंगेतर को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया। आइए, इस पूरी घटना और पुलिस इन्वेस्टिगेशन की डिटेल्स पर नजर डालते हैं।
लोहागढ़ किले पर डमी के साथ क्राइम सीन रीक्रिएशन
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए रविवार सुबह करीब 6:30 बजे लोहागढ़ किले पर पूरी वारदात का सीन रीक्रिएट किया। इस दौरान सुरक्षा कारणों से किले को आम टूरिस्ट्स के लिए पूरी तरह बंद रखा गया था।
डीएसपी गजानन टोम्पे और एसपी संदीप सिंह गिल की देखरेख में पुलिस ने केतन अग्रवाल के वजन के बराबर की एक डमी का इस्तेमाल किया। पुलिस ने डमी को उसी 400 फीट गहरी खाई में फेंका जहां 18 जून को केतन गिरे थे।
इस रीक्रिएशन का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि:
- वारदात के वक्त केतन, सिया और चेतन की सटीक लोकेशन क्या थी।
- केतन को धक्का किस एंगल और कैसे दिया गया।
- क्या सिया ने सिर्फ धक्का देने का इशारा किया था या उसने खुद भी धक्का देने में चेतन का साथ दिया।
इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई है और इसका पंचनामा भी तैयार कर लिया गया है ताकि आरोपियों के बयानों को फिजिकल सबूतों से मैच किया जा सके।
मर्डर की असली वजह और प्लानिंग
26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल और 20 साल की सिया गोयल की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी। दोनों महाराष्ट्र के अमीर परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। लेकिन सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी क्योंकि उसका अफेयर 22 साल के चेतन चौधरी के साथ चल रहा था।
पुलिस पूछताछ में सिया ने बताया कि अगर वह खुद सगाई तोड़ती तो परिवार और समाज में बदनामी होती। उसे लगा कि अगर केतन की किसी 'हादसे' में मौत हो जाती है, तो उसे शादी टालने के लिए कम से कम 3 साल का वक्त मिल जाएगा। इसी वजह से दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। यह भी बात सामने आई है कि सगाई से पहले जनवरी में सिया अपने प्रेमी चेतन और कुछ दोस्तों के साथ उदयपुर ट्रिप पर भी गई थी।
पूछताछ में सिया और चेतन दोनों एक-दूसरे पर मर्डर की प्लानिंग का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं चेतन ने प्राइवेट मैसेज और कॉल रिकॉर्डिंग के जरिए सिया को ब्लैकमेल तो नहीं किया था।
डिलीट किए गए मैसेज और पिता की FIR
इन्वेस्टिगेशन में यह भी साफ हुआ है कि वारदात के बाद सिया और चेतन ने अपने मोबाइल से हजारों टेक्स्ट मैसेज डिलीट कर दिए थे, ताकि वे अपने ट्रैक कवर कर सकें। पुलिस ने दोनों के फोन रिकवर कर लिए हैं और डिलीटेड डेटा वापस लाने के लिए उन्हें फॉरेंसिक लैब भेज दिया है।
वहीं, केतन के पिता द्वारा दर्ज कराई गई FIR ने मामले को और साफ कर दिया है। परिवार का कहना है कि:
- सिया का बर्ताव पिछले कुछ समय से काफी अजीब था और वह छोटी-छोटी बातों पर केतन से झगड़ा करती थी।
- 4 जून को जब लोहागढ़ किले का ट्रिप कैंसिल हुआ, तो सिया बहुत नाराज हो गई थी और उसने केतन पर वहां जाने का भारी दबाव बनाया था।
फिलहाल इस केस में कोई चश्मदीद गवाह नहीं है, इसलिए पुलिस कॉल डिटेल्स CDR, डिजिटल फुटप्रिंट्स और क्राइम सीन रीक्रिएशन के जरिए हर कड़ी को जोड़ने में लगी हुई है ताकि दोनों आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।


