सार: पटना के मशहूर 'Khan Sir' और 'Raushan Sir' के बीच हालिया कोचिंग विवाद ने पूरे बिहार का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 'ज्ञान बिंदु कोचिंग' के डायरेक्टर रौशन आनंद को जेल और फिर जमानत मिलने तक, और इसी बीच उनके भाई की संदिग्ध मौत ने इस मामले को बेहद उलझा दिया है। आखिर कैसे सहरसा के एक किसान का बेटा, जो कभी एक वक्त के खाने के लिए ट्यूशन पढ़ाता था, आज छात्रों के बीच 'दरोगा फैक्ट्री' का मालिक बन गया? आइए जानते हैं रौशन सर की पूरी यात्रा, उनके संघर्ष और खान सर के साथ चल रही वर्चस्व की लड़ाई की कहानी।
विवाद की जड़ और रौशन सर की गिरफ्तारी
पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में 2 जून को 'खान ग्लोबल स्टडीज' (KGS) के बाहर जमकर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटना सामने आई। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस हमले का आरोप 'ज्ञान बिंदु कोचिंग' से जुड़े लोगों पर लगाया गया।
मामले में पुलिस ने रौशन आनंद और उनके सहयोगियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। हालांकि बाद में पटना सिविल कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दो शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, न कि आपराधिक गतिविधियां।
कौन हैं रौशन सर? सहरसा से पटना तक का संघर्ष
रौशन आनंद बिहार के सहरसा जिले के धमसैना गांव के निवासी हैं। एक साधारण किसान परिवार में जन्मे रौशन का बचपन आर्थिक अभावों में बीता।
महज 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने बेहतर शिक्षा और करियर की तलाश में अपना घर छोड़ दिया और पटना पहुंच गए। पटना में पढ़ाई से संतुष्ट नहीं होने पर वे कोटा चले गए, जहां उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा AIEEE की तैयारी की और सफलता भी हासिल की।
वर्ष 2012 में उनका दाखिला BIT मेसरा में हुआ। पिता ने खेत बेचकर उनकी पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया, लेकिन आर्थिक तंगी इतनी गंभीर थी कि उन्हें बीच में ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़नी पड़ी।
असफलताओं से मिली नई दिशा
इंजीनियरिंग छोड़ने के बाद रौशन आनंद ने पटना लौटकर सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की। वर्ष 2014 में उन्होंने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा पास की, लेकिन फिजिकल टेस्ट में सफल नहीं हो सके। इसके बाद वे BPSC इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया।
लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। जीवनयापन के लिए उन्होंने लॉज में रहने वाले छात्रों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। उनके पढ़ाने का तरीका छात्रों को इतना पसंद आया कि छात्रों ने ही उन्हें अपनी कोचिंग शुरू करने की सलाह दी।
'ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी' की स्थापना
1 सितंबर 2017 को पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस में एक छोटे से कमरे से 'ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी' की शुरुआत हुई। उस कमरे में केवल 40 छात्र बैठ सकते थे और शुरुआती दिनों में उनके पास मात्र चार विद्यार्थी थे।
धीरे-धीरे यह कोचिंग संस्थान बिहार के प्रतियोगी छात्रों के बीच लोकप्रिय होता गया और आज इसे कई लोग 'दरोगा फैक्ट्री' के नाम से जानते हैं। रौशन सर का दावा है कि उन्होंने स्वयं चार बार दरोगा परीक्षा पास की है, जिससे उन्हें परीक्षा की बारीकियों की अच्छी समझ है।
कम फीस बना लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण
बिहार के कोचिंग बाजार में छात्रों को आकर्षित करने का सबसे प्रभावी माध्यम कम फीस माना जाता है। खान सर और रौशन सर दोनों ही ग्रुप C और D परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच अपनी सस्ती फीस के कारण बेहद लोकप्रिय हैं।
| कोर्स / टेस्ट | ज्ञान बिंदु कोचिंग (रौशन सर) | खान ग्लोबल स्टडीज (खान सर) |
|---|---|---|
| डेली टेस्ट / जीके टेस्ट | ₹149 | ₹99 |
| दरोगा बैच / क्रैश कोर्स | ₹2,999 | ₹199 |
कोविड-19 महामारी के बाद ऑनलाइन शिक्षा की मांग बढ़ी, जिसका लाभ दोनों संस्थानों को मिला। कम फीस और बड़े पैमाने पर छात्रों तक पहुंच ने इन्हें बिहार के सबसे चर्चित शिक्षकों में शामिल कर दिया।
खान सर और रौशन सर के बीच वर्चस्व की लड़ाई
दोनों शिक्षकों के बीच प्रतिस्पर्धा कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार दोनों पक्षों के बीच विवाद सामने आ चुके हैं।
टॉपर को लेकर विवाद: कुछ महीने पहले फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर परीक्षा के टॉपर अभिषेक पटेल को लेकर दोनों संस्थानों ने दावा किया था कि वह उनका छात्र रहा है।
पुरस्कारों की घोषणा: रौशन आनंद ने दरोगा भर्ती परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को बुलेट मोटरसाइकिल और थार वाहन देने की घोषणा की थी। उस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए खान सर पर तंज भी कसा था।
पुराने आरोप: वर्ष 2021 में खान सर ने रौशन आनंद पर जबरन कैंपस में प्रवेश करने का आरोप लगाया था। वहीं 2023 में रौशन सर ने खान सर पर अपनी कोचिंग पर हमला करवाने का आरोप लगाया था।
ताजा विवाद: 2 जून की घटना भी बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में सफल छात्रों की संख्या और प्रचार पोस्टरों को लेकर शुरू हुई प्रतिस्पर्धा से जुड़ी बताई जा रही है।
भाई की संदिग्ध मौत से गहराया मामला
इस पूरे विवाद ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। प्रिंस यादव भी कोचिंग विवाद से जुड़े मामले में नामजद अभियुक्त बताए गए थे।
जमानत पर रिहा होने के बाद रौशन सर ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या करवाई गई है। दूसरी ओर, खान सर ने एक वीडियो जारी कर इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
फिलहाल नेपाल पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
नई कोचिंग नियमावली की तैयारी
इस पूरे विवाद के बाद बिहार सरकार भी सक्रिय हो गई है। राज्य के शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए हैं कि कोचिंग संस्थानों के संचालन और प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित करने के लिए नई कोचिंग नियमावली लाई जा सकती है।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा संस्थान छात्रों के भविष्य निर्माण का केंद्र बने रहें और वर्चस्व की लड़ाई का अखाड़ा न बनें।



