UP News: यूपी के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रदेश में स्मार्ट प्री-पेड मीटर सिस्टम को खत्म कर दिया गया है और अब ये सभी मीटर पोस्टपेड मोड में चलेंगे। इसके अलावा, लोगों की सहूलियत के लिए बिजली बिलों की गड़बड़ी और मीटर से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें दूर करने के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक पूरे राज्य में स्पेशल कैंप भी लगाए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में बिजली का इस्तेमाल करने वाले और स्मार्ट मीटर लगवाने वाले लोगों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्री-पेड मीटर की व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त करने का फैसला लिया है। अब राज्य में लगे हुए सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड सिस्टम पर काम करेंगे।
शुक्रवार को यूपी के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ स्थित कालिदास मार्ग पर ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने उपभोक्ताओं के हित में लिए गए इस बड़े फैसले के लिए ऊर्जा मंत्री का आभार जताया।
शिकायतों के लिए लगेंगे Special Camps
अक्सर लोगों को अपने बिजली बिल या स्मार्ट मीटर में आ रही तकनीकी दिक्कतों से काफी परेशानी होती है। लोगों की इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने एक अहम घोषणा की है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के निपटारे के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में विशेष कैंप लगाए जाएंगे।
इन कैंप्स से जुड़ी कुछ खास बातें:
- कहां लगेंगे कैंप: ये कैंप अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी (SDO) के कार्यालयों पर लगाए जाएंगे।
- हेल्प डेस्क की सुविधा: हर ऑफिस में एक स्पेशल हेल्प डेस्क बनाई जाएगी।
- मौके पर समाधान: इस हेल्प डेस्क पर बिल में सुधार और मीटर से जुड़ी तकनीकी कमियों को ऑन-द-स्पॉट यानी मौके पर ही ठीक किया जाएगा।
उपभोक्ताओं को राहत और पारदर्शिता पर जोर
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस फैसले को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के हितों को सबसे ऊपर रख रही है।
स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड करने और शिकायत निवारण कैंप लगाने का यह फैसला आम जनता को न सिर्फ बड़ी राहत देगा, बल्कि बिजली विभाग के काम में पारदर्शिता (Transparency) और सुविधा भी बढ़ाएगा। सरकार लगातार सुशासन के संकल्प के साथ काम कर रही है और आगे भी ऐसे पब्लिक-फ्रेंडली फैसले लिए जाते रहेंगे।

