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UP Census 2026: यूपी में डिजिटल स्वगणना शुरू, घर बैठे ऑनलाइन ऐसे भरें अपनी डिटेल्स

UP Census 2026: यूपी में आज (7 मई) से जनगणना का एक नया और डिजिटल दौर शुरू हो गया है। CM योगी आदित्यनाथ ने खुद पोर्टल पर अपनी डिटेल भरकर 'स्वगणना' (Self-enumeration) की औपचारिक शुरुआत कर दी है।

UP Census 2026: Digital Self-Enumeration Begins in UP

अब राज्य के लोग 21 मई तक खुद ऑनलाइन अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी लंबी लाइन में लगने या पेपर वर्क की जरूरत नहीं है; बस एक पोर्टल पर जाकर 34 आसान सवालों के जवाब देने हैं। आइए जानते हैं कि UP Census 2026 के इस ऑनलाइन प्रोसेस को घर बैठे कैसे पूरा करना है और आगे की प्रक्रिया क्या होगी।

ऑनलाइन फॉर्म भरने का सिंपल प्रोसेस

इस बार की डिजिटल जनगणना को बहुत आसान रखा गया है। मुख्य जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने साफ किया है कि परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग फॉर्म नहीं भरना है, बल्कि घर का मुखिया ही पूरे परिवार की डिटेल दर्ज करेगा। इसके लिए आपको कोई भी डॉक्यूमेंट अपलोड करने की जरूरत नहीं है।

आप इन स्टेप्स को फॉलो करके अपनी स्वगणना पूरी कर सकते हैं:

  • सबसे पहले सरकार के ऑफिशियल पोर्टल se.census.gov.in पर जाएं।
  • अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • लॉगिन के बाद आपके सामने मकान, परिवार, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक स्थिति से जुड़े कुल 34 सवाल आएंगे। इनके सही-सही जवाब भरें।
  • पूरा फॉर्म सबमिट करने के बाद जनरेट होने वाली 11 अंकों की एक आईडी (ID) आपको मिलेगी। इसे सेव करके या लिखकर अपने पास सुरक्षित रख लें।

22 मई से शुरू होगा डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन

स्वगणना का काम 21 मई तक चलेगा। इसके बाद 22 मई से जनगणना टीम डेटा को वेरिफाई करने के लिए घर-घर पहुंचना शुरू करेगी।

जब टीम आपके घर आएगी, तो आपको सिर्फ वही 11 अंकों वाली आईडी उन्हें दिखानी होगी। कर्मचारी उस आईडी से आपकी भरी हुई डिटेल का सत्यापन करेंगे और उसे फाइनल कर देंगे।

अगर किसी वजह से आप ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पाते हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसके लिए हेल्प सेंटर भी बनाए हैं। इसके अलावा, जो लोग ऑनलाइन स्वगणना नहीं कर पाएंगे, 22 मई के बाद जनगणना टीम सीधे उनके घर आकर उनका विवरण दर्ज करेगी।

इस पूरी डिजिटल प्रक्रिया का मुख्य मकसद डेटा को सटीक बनाना, दोहराव (double entry) को रोकना और भविष्य में एजुकेशन, हेल्थ व रोजगार से जुड़ी सरकारी योजनाओं को सही लोगों तक पहुंचाना है।

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