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Lucknow News: लखनऊ में डॉ. पल्लवी पटेल का बड़ा प्रोटेस्ट, वंदे भारत एक्सप्रेस हुई लेट

Lucknow News: लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर शनिवार को भारी हंगामा देखने को मिला। सिराथू से विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने UGC Equity Regulation 2026 को लागू करने की मांग को लेकर अपने हजारों समर्थकों के साथ रेलवे ट्रैक पर 'चक्का जाम' कर दिया। 

प्रदर्शन इतना उग्र था कि दिल्ली से अयोध्या जाने वाली Vande Bharat Express को आउटर पर ही रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन करीब एक घंटे लेट हो गई। अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने BJP सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वंचितों के हक को जानबूझकर कोर्ट में फंसाया जा रहा है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों सड़क पर उतरीं डॉ. पल्लवी पटेल।

शनिवार दोपहर करीब 12 बजे लखनऊ का Charbagh Railway Station नारों से गूंज उठा। अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता और सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल के नेतृत्व में यूपी के अलग-अलग जिलों से हजारों छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के लोग इकट्ठा हुए। पुलिस ने जब जुलूस को आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की, तो गुस्साए प्रदर्शनकारी सीधे रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए और जोरदार Chakka Jam कर दिया।

Vande Bharat Express हुई लेट, इंजन पर चढ़ीं पल्लवी पटेल

ट्रैक पर अचानक भारी भीड़ के आ जाने से दिल्ली से अयोध्या जा रही Vande Bharat ट्रेन को स्टेशन के आउटर सिग्नल पर ही रोकना पड़ गया। हालात तब और बेकाबू हो गए जब खुद डॉ. पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गईं। पुलिस और रेलवे अधिकारियों के पसीने छूट गए। पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच काफी तीखी बहस हुई। बड़ी मुश्किल से मान-मनौव्वल के बाद डॉ. पटेल को इंजन से नीचे उतारा गया। इस पूरे ड्रामे की वजह से ट्रेन लगभग 1 घंटे लेट हुई और स्टेशन का ट्रैफिक भी बुरी तरह प्रभावित रहा। बाद में पुलिस ने डॉ. पटेल समेत भारी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

क्यों हो रहा है बवाल और क्या है मांग?

प्रदर्शनकारियों के हाथों में "UGC Equity Regulation 2026 लागू करो" और "सबको शिक्षा सबको मान" जैसे नारों की तख्तियां थीं।

डॉ. पल्लवी पटेल ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों (Higher Education Institutions) में जाति, लिंग, धर्म या किसी भी तरह की अक्षमता के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह रेगुलेशन लाया गया था। इसका मकसद रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे छात्रों के साथ हुई दर्दनाक घटनाओं को दोबारा होने से रोकना है।

BJP Government पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक पल्लवी पटेल ने सत्ताधारी बीजेपी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि 'फूट डालो और राज करो' की नीति के तहत इस नियम को साजिश करके कोर्ट में फंसा दिया गया है। उन्होंने कहा:

  • सरकार अगड़े और पिछड़े के बीच खाई चौड़ी कर रही है।
  • भ्रामक अफवाहें फैलाकर इस नियम को 'अगड़ा बनाम पिछड़ा' की लड़ाई बना दिया गया है।
  • जनता का ध्यान पढ़ाई, दवाई और कमाई जैसे असली मुद्दों से भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है।

"आखिरी दम तक लड़ेंगे"

डॉ. पटेल ने साफ किया कि UGC Equity Regulation किसी भी खास समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह हर तरह के शोषण और भेदभाव वाली परंपराओं पर रोक लगाने के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा सिस्टम में वंचितों (SC, ST, OBC और अल्पसंख्यकों) का दमन जारी है। इस अन्याय के खिलाफ अब सड़क पर लड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है और सामाजिक न्याय के लिए वे अंतिम दम तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

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