Azamgarh: आजमगढ़ जिले की सगड़ी विधानसभा के बरडीहा गांव से जो शिकायतें सामने आई हैं, वे सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं लगतीं। यह मामला प्रशासन, कानून और समाज में बराबरी के दावों पर आज कई सवाल खड़े करता है।
आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि द्वारा गांव के दलित समुदाय के लोगों के साथ गलत व्यवहार किया गया और उनके मौलिक अधिकारों को भी तार-तार किया गया। एक कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने से अब यह गाँव तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्रधान प्रतिनिधि पर गाली देने के आरोप, ऑडियो वायरल
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान प्रतिनिधि छोटेलाल ने दलित समाज के लोगों को मां-बहन की गालियां दीं। इस मामले में एक ऑडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इसमें प्रधान प्रतिनिधि की तरफ से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
इस आडिओ में अच्छे से सुना जा सकता है, कि चुनाव के समय मीठे-मीठे शब्दों से वोट मांगने वाले कैसे जीतने के बाद निरंकुश हो जाते हैं। जिनके वोटों से उन्हें जीत मिली थी, उन्ही को माँ बहन की मन भर गालियां दी जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निषाद समाज से आने वाले ग्राम प्रधान रामबचन और उनके प्रतिनिधि छोटेलाल आए दिन दलित समुदाय के लोगों से इसी भाषा में बात करते हैं। दलित ग्रामीणों का इसके अतिरिक्त यह भी कहना है कि उन्हे अन्य सुविधाओं में भी पीछे रखा जा रहा है।
संविधान सबको बराबरी और सम्मान की बात करता है, लेकिन बरडीहा गांव में प्रधान प्रतिनिधि छोटेलाल की अभद्रता से यह बराबरी धूमिल होती जा रही है।
मनरेगा व अन्य सरकारी योजनाओं में भी गड़बड़ी के आरोप
इस गाली-गलौज का मामला उजागर होते ही, लोगों ने प्रधान की अन्य करतूतों के बारे में खुलकर अपनी बात रखनी उचित समझी। उनका कहना है कि "प्रधान मनरेगा योजना में बड़ा ही झोल-झाल करता है। मानरेगा में काम सिर्फ कागजों तक सीमित है, न तो जमीन पर काम हुआ और न ही मजदूरों को पैसा मिला, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में सब कुछ ठीक बताया जा रहा है।
ऐसे ही अन्य योजनाएँ जिनसे पैसा मिलना होता है, उनकी प्रक्रिया कागजों पर पूर्णरूपेण होती है, लेकिन जमीन पर उसके बारे में जनता को भनक भी नहीं लगती है।
आडिओ वायरल होने के बाद भी इस मामले में ग्रामीण लोग खुलकर सामने नहीं आना चाहते हैं, तो सवाल उठता है, क्या प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा, क्या SC/ST एक्ट के तहत कोई कार्रवाई होगी।

