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"मेरी लाश को मेरे पापा छू भी ना पाएं" सुसाइड नोट लिखकर ट्रेनी वकील ने कोर्ट बिल्डिंग से कूदकर दी जान

कानपुर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 23 वर्षीय ट्रेनी वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट की बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ कानूनी जगत को भी स्तब्ध कर दिया है। मौके से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें युवक ने अपने बचपन से लेकर वर्तमान तक की पीड़ा को शब्दों में बयां किया है।

Priyanshu Suicide Case Kanpur

सुसाइड नोट से बताया अपना दर्द

प्रियांशु द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट की पहली ही लाइन बहुत भावुक है। उसने लिखा है- "मेरी ये अंतिम इच्छा है कि सब लोग मेरे इस सुसाइड नोट को अंत तक पढ़ें"

इस एक वाक्य से ही उसके भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब प्रियांशु के सुसाइड नोट के स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। 

Kanpur Priyanshu Srivastava Suicide Case First Screenshot

Kanpur Priyanshu Srivastava Suicide Note Second Screenshot

पिता पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप

सुसाइड नोट में प्रियांशु ने अपने पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने नोट में लिखा कि बचपन से ही उसे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। अपने नोट में उसने कई घटनाओं का जिक्र किया है, जिनमें से एक घटना विशेष रूप से झकझोर देने वाली है।

प्रियांशु ने बताया कि बचपन में एक बार उसने फ्रिज से मैंगो शेक निकालकर पी लिया था। इस छोटी-सी बात पर उसके पिता ने उसे कपड़े उतरवाकर घर से बाहर निकाल दिया था। इस घटना ने उसके मन पर गहरा असर छोड़ा, जिसे वह कभी भुला नहीं सका।

अपने सुसाइड नोट में प्रियांशु ने अपनी अंतिम इच्छा भी बताई है, जो उसके अंदर जमा गहरे आक्रोश और दर्द को बयां करती है। उसने लिखा-

"मेरा यह निवेदन है कि मेरी लाश को मेरे पापा छू भी ना पाएं। भगवान करे ऐसा पिता किसी को भी न मिले"

प्रियांशु की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं- कि वह कब से इस मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या का निर्णय ले चुका था। क्या उसे समय रहते सहारा नहीं मिल पाया? सुसाइड नोट में लिखी बातें इन सवालों की ओर इशारा करती हैं, जिनकी जांच अब संबंधित एजेंसियां करेंगी।

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