Pratiksha Yadav Lucknow: लखनऊ में समाजवादी पार्टी के एक कार्यक्रम में महोबा की 18 वर्षीय प्रतीक्षा यादव ने अपनी दमदार आवाज़ और 'आल्हा गायन' से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने मंच पर अखिलेश यादव के सामने 'धरती पुत्र' मुलायम सिंह यादव पर ऐसी कविता सुनाई कि पूरा माहौल ही बदल गया। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर यह युवा लोक गायिका कौन हैं, और आल्हा गायन जैसे पुरुष प्रधान क्षेत्र में उन्होंने अपने पिता और छोटी बहन के साथ मिलकर कैसे अपनी अलग पहचान बनाई।
अखिलेश यादव के मंच पर प्रतीक्षा का जादू
लखनऊ में 30 तारीख को महाराजा खेत सिंह खंगार की याद में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान मंच पर महोबा की युवा Folk Singer प्रतीक्षा यादव को अपनी कला दिखाने का मौका मिला। उन्होंने महाराजा का इतिहास सुनाने के साथ-साथ बुंदेलखंड का ऐतिहासिक आल्हा गीत भी गाया। जब उन्होंने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कविता सुनाई, जिसमें प्रजातंत्र की पुकार और एक बार फिर 'धरती पुत्र' जैसे नेता के आने की बात कही गई थी, तो वहां मौजूद लोग सियासी टेंशन भूलकर संगीत में खो गए। मुलायम सिंह पर गाए गए इस आल्हा से अखिलेश यादव भी काफी भावुक नजर आए।
जब अखिलेश ने कहा- "बिटिया को फिर से गाने दो"
मंच पर प्रतीक्षा की परफॉर्मेंस देखकर अखिलेश यादव इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने 4-5 बार तालियां बजाईं। प्रतीक्षा बताती हैं कि जब वह अपनी प्रस्तुति देकर वहां से जाने लगीं, तो अखिलेश यादव ने उनका हौसला बढ़ाने के लिए उन्हें वापस बुलाया और कहा कि "बिटिया को फिर से गाने दो।" इसके बाद उन्होंने दोबारा नेताजी की कविता सुनाई। सपा अध्यक्ष ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया। प्रतीक्षा के लिए यह पल थोड़ी घबराहट के साथ-साथ बेहद खुशी और उत्साह वाला था।
कौन हैं आल्हा गायिका प्रतीक्षा यादव?
प्रतीक्षा यूपी के महोबा जिले के बगवाहा गांव की रहने वाली हैं। वह बुंदेलखंड की सदियों पुरानी वीरता और शौर्य की संस्कृति को आज के मॉर्डन दौर में भी जिंदा रखे हुए हैं। बचपन से ही उन्हें आल्हा गायन का शौक था। उन्होंने पहले इसके इतिहास को गहराई से समझा और फिर कड़ी मेहनत से इस विधा को सीखा। उनके इस सफर में उनकी छोटी बहन दीक्षा यादव उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं, जो हर मंच पर उनके साथ कदम से कदम मिलाकर गाती हैं।
पिता बने गुरु, आल्हा सम्राट ने पहचानी प्रतिभा
आल्हा गायन को आज भी मुख्य रूप से पुरुषों और लड़कों का क्षेत्र माना जाता है। शुरुआत में लोगों ने ताने भी दिए कि लड़कियां आल्हा नहीं गातीं। प्रतीक्षा बताती हैं कि एक बार 'आल्हा सम्राट' उनके घर आए थे। उन्होंने प्रतीक्षा का डांस देखकर उनके पिता से कहा था कि अगर यह लड़की इतना अच्छा नृत्य कर सकती है, तो एक दिन आल्हा भी गा सकती है।
बस फिर क्या था, प्रतीक्षा ने अपने पिता को ही अपना गुरु मान लिया। उनके पिता ने दोनों बहनों को आल्हा गायन की बारीकियां सिखानी शुरू कर दीं। प्रतीक्षा के मुताबिक, चाहे सर्दी हो, कड़ाके की धूप हो या बारिश, उनके परिवार (खासकर माता-पिता और बहन) ने हर मौसम और मुश्किल में उनका पूरा सपोर्ट किया।
भविष्य को लेकर क्या हैं प्लान?
इतनी कम उम्र में वायरल होने वालीं प्रतीक्षा अभी सिर्फ 18 साल की हैं। जब उनसे उनके भविष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने आगे के लिए बहुत कुछ तय नहीं किया है। उनका मानना है कि अगर पब्लिक का प्यार और आशीर्वाद इसी तरह मिलता रहा, तो वह इस कला के क्षेत्र में और विकास करना चाहेंगी।

