सार: इजरायल की खुफिया एजेंसी ने अमेरिका को एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है। यह सनसनीखेज खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब महज तीन हफ्ते पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच एक नाजुक सीजफायर (युद्धविराम) हुआ था। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के बाद उनके जनाजे में 'ट्रंप की मौत' के नारे लगे, जिसके बाद इजरायल ने यह इंटेलिजेंस अमेरिका के साथ शेयर की।
इस खुलासे के बाद मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से मिसाइल और ड्रोन अटैक शुरू हो गए हैं। जहां ट्रंप ने ईरान को 'कैंसर' बताकर जड़ से उखाड़ने की चेतावनी दी है, वहीं कुछ अमेरिकी अधिकारियों को शक है कि कहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने फायदे के लिए अमेरिका को फिर से युद्ध की आग में तो नहीं धकेल रहे।
ट्रंप की हत्या का ईरानी प्लान
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' और सीएनएन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने वाशिंगटन के साथ अहम खुफिया जानकारी शेयर की है। इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि ईरान डोनाल्ड ट्रंप को टारगेट करने के लिए एक नया प्लान बना रहा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्य 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में मारे गए थे। मशहद में उनके जनाजे के दौरान ईरान की सड़कों पर भारी मातम दिखा और लोगों ने खुलेआम 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'किल ट्रंप' के बैनर लहराए। ईरान 2020 में मारे गए अपने शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी और अब अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खा चुका है।
टूट गया सीजफायर, फिर शुरू हुए अटैक
इस खुफिया रिपोर्ट ने मिडिल ईस्ट में आग में घी डालने का काम किया है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ तीन हफ्ते पुराना सीजफायर अब लगभग खत्म हो चुका है।
गुरुवार को अमेरिका ने ईरान पर कई जोरदार हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिका के सहयोगी पश्चिमी देशों पर मिसाइल और ड्रोन दाग दिए। हालात इतने खराब हो गए कि बहरीन (जहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा है), कुवैत, कतर और जॉर्डन में एयर रेड सायरन बजने लगे। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के इन हमलों के बाद युद्धविराम खत्म हो चुका है। अगर यह टकराव इसी तरह बढ़ता रहा, तो होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली ग्लोबल एनर्जी सप्लाई भी रुक सकती है, जो दुनिया भर की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका होगा।
ट्रंप की दो टूक: 'कैंसर को काटकर निकालना होगा'
अपनी जान को खतरे की बात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने साफ कहा कि उन्हें पता है कि ईरान की हिट लिस्ट में उनका नाम सबसे ऊपर है।
ट्रंप ने कहा, "वे मुझे खत्म करना चाहते हैं। मैंने आज ही देखा कि मैं उनकी हर लिस्ट में शामिल हूं। अब तक मैं थोड़ा लकी रहा हूं, लेकिन शायद यह किस्मत ज्यादा दिन साथ न दे।" उन्होंने ईरान को एक बीमारी बताते हुए कहा, "ये बुरे और बीमार सोच वाले लोग हैं। हमें इस कैंसर को जड़ से खत्म करना होगा। कैंसर को शुरुआती दौर में ही काटकर निकाल देना चाहिए, और मैं भी ऐसा ही महसूस करता हूं।"
क्या अमेरिका को मोहरा बना रहा है इजरायल?
इस पूरे मामले में एक और हैरान करने वाला एंगल सामने आ रहा है। कुछ टॉप अमेरिकी अधिकारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इजरायल ने यह खुफिया जानकारी सिर्फ ट्रंप को भड़काने के लिए दी है।
दरअसल, ट्रंप वैश्विक अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान को देखते हुए ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के पक्ष में थे और हाल ही में उन्होंने समझौते के काफी प्रयास भी किए थे। लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू चाहते हैं कि ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रहे। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इजरायल के अलर्ट से पहले इस विशिष्ट हत्या की साजिश को अपने स्तर पर कन्फर्म नहीं किया था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या नेतन्याहू ने इस इंटेलिजेंस का सहारा लेकर ट्रंप को दोबारा हमले के लिए उकसा दिया है?
हालांकि, गुरुवार को ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई है और दोनों देशों ने आपसी समन्वय जारी रखने पर सहमति जताई है। लेकिन यह साफ है कि इजरायल की एक खुफिया रिपोर्ट ने मिडिल ईस्ट को फिर से एक बड़े युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

