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Baruipur Rape Case: बारुईपुर में नाबालिग से दरिंदगी के आरोपी का एनकाउंटर, पुलिस थ्योरी पर उठे गंभीर सवाल

सार: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ हुए खौफनाक रेप और मर्डर केस में एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। इस सनसनीखेज मामले के एक अहम आरोपी प्रभास मंडल को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया है। पुलिस का दावा है कि आधी रात को 'क्राइम सीन' रिक्रिएट करने के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद सेल्फ-डिफेंस में उसे गोली मारनी पड़ी। इस एनकाउंटर ने पूरे राज्य में सियासी भूचाल ला दिया है। एक तरफ जहां मानवाधिकार कार्यकर्ता और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पुलिस की कार्रवाई को कटघरे में खड़ा किया है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी की मां ने यह कहते हुए अपने बेटे का शव लेने से इनकार कर दिया कि उसे अपने किए की सही सजा मिली है। आइए इस पूरे मामले की तह तक जाते हैं।

आखिर कैसे हुआ एनकाउंटर?

बारुईपुर पुलिस के मुताबिक, मंगलवार (7-8 जुलाई की दरमियानी रात) देर रात आरोपी प्रभास मंडल को क्राइम सीन रिक्रिएट करने के लिए सूर्यपुर हाट इलाके के उसी तालाब के पास ले जाया गया था, जहां से बच्ची का शव मिला था। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आरोपी ने अचानक एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं। गोली लगने से घायल प्रभास को तुरंत बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि यह इलाका काफी जंगली और रास्ता कच्चा है, जिससे रात के अंधेरे में भागने वाले को पकड़ना मुश्किल हो सकता था।

"उसे सजा मिल गई, मुझे लाश नहीं चाहिए"

इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला बयान मारे गए आरोपी प्रभास मंडल की मां का रहा। जब पुलिस ने उन्हें बेटे के एनकाउंटर की जानकारी दी, तो उनका जवाब बेहद सख्त था।

समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा- "मेरे बेटे ने जो किया, उसकी उसे सजा मिल गई। उसने कोई अच्छा काम नहीं किया था। उसे मार दें या जो करना हो करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं उसका शव स्वीकार नहीं करूंगी और उसे अपने घर भी नहीं लाऊंगी।"

पुलिस की थ्योरी पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

प्रारंभिक रिपोर्ट और स्थानीय लोगों के दावों ने पुलिस की भूमिका को सवालों के घेरे में ला दिया है।

स्थानीय लोगों का आरोप: लोगों का कहना है कि जब लड़की गायब हुई थी, तो पुलिस को उसी रात सूचना दी गई थी। अगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता, तो शायद मासूम की जान बच जाती। स्थानीय लोगों ने ही सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर आरोपी की पहचान की थी।

मानवाधिकार संगठन की चिंता: एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स (APDR) के रंजीत सूर ने इसे एक संदिग्ध एनकाउंटर बताया। उन्होंने कहा कि प्रभास इस मामले का सबसे अहम गवाह था और उसकी मौत के बाद पुलिस अपनी सुविधा के अनुसार कहानी गढ़ सकती है। उन्होंने इस घटना की तुलना हैदराबाद के दिशा केस और यूपी के एनकाउंटर्स से की, जहां कहानी लगभग एक जैसी ही होती है कि 'आरोपी ने हथियार छीना और मारा गया।'

राजनीतिक घमासान: यूपी 2.0 बनाम जंगलराज

इस एनकाउंटर के बाद बंगाल की राजनीति भी गरमा गई है।

महुआ मोइत्रा का तंज: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने पुलिस कार्रवाई पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया और इसकी तुलना "उत्तर प्रदेश 2.0" से करते हुए इसे जंगलराज करार दिया।

बीजेपी का स्टैंड: स्थानीय बीजेपी नेता शांतनु मंडल ने कहा कि पुलिस ने शुरुआती शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने खुद सीसीटीवी देखकर आरोपी को पकड़ा था। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी पुलिस से 72 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट की मांग की है।

क्या था पूरा बारुईपुर केस?

लापता होने से मौत तक: 4 जुलाई को 11-12 साल की एक बच्ची अपनी सहेली के लिए गिफ्ट लेने घर से निकली थी और लापता हो गई। 5 जुलाई (रविवार) को सूर्यपुर हाट इलाके के एक तालाब में बोरे के अंदर उसका शव मिला।

पोस्टमार्टम के खौफनाक खुलासे: शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम में सामने आया कि बच्ची के साथ गैंगरेप किया गया था और उसे जिंदा ही तालाब में फेंक दिया गया। उसके फेफड़ों और पेट में पानी भर गया था, जिससे डूबने और ज्यादा खून बहने से उसकी दर्दनाक मौत हुई।

इलाके में तनाव और मॉब लिंचिंग: बच्ची का शव मिलने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साई भीड़ ने शक के आधार पर एक अन्य व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। फिलहाल पुलिस ने इस गैंगरेप और मर्डर केस में मुख्य आरोपी आनंद सरदार सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है।

प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया है और इस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच कराने की भी बात कही जा रही है ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।

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