सार: ओमान के समंदर में भारतीय नाविकों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले तीन दिनों के भीतर यह तीसरे कमर्शियल जहाज पर हमला है। ताजा मामला ओमान के शिनास पोर्ट के पास का है, जहां 'MT जलवीर' नाम के शिप पर अटैक हुआ है और इसके इंजन रूम में आग लग गई है। इस जहाज पर 20 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार हैं। इससे ठीक पहले 'सेटेबेलो' शिप पर हुए हमले में 3 भारतीयों की जान जा चुकी है, जिस पर भारत सरकार ने सख्त ऐतराज जताते हुए अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है। आइए जानते हैं कि आखिर समंदर में चल क्या रहा है और हमारे नाविक कितने सुरक्षित हैं।
MT जलवीर पर कैसे हुआ अटैक?
गुरुवार सुबह ओमान के शिनास पोर्ट के पास कमर्शियल शिप MT Jalveer को निशाना बनाया गया। हमले के बाद शिप के इंजन और चिमनी वाले हिस्से में भयानक आग लग गई, जिसके बाद जहाज के क्रू ने तुरंत SOS (मदद का अलर्ट) भेजा। सामने आए वीडियो में समंदर के बीचों-बीच जहाज को धुएं में घिरा हुआ देखा जा सकता है।
राहत की बात यह है कि शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। ओमान में मौजूद भारतीय एंबेसी इस पूरी घटना पर पैनी नजर बनाए हुए है और डिटेल्स जुटाने के लिए लोकल अथॉरिटीज के साथ लगातार संपर्क में है।
समंदर में दहशत: 3 दिन में 3 जहाजों पर हमला
खाड़ी देशों के आस-पास का समुद्री इलाका इस वक्त काफी अशांत है। MT जलवीर पर हुआ हमला कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि पिछले तीन दिनों में यह लगातार तीसरा अटैक है:
सोमवार की घटना: सबसे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 'MT मैरिवेक्स' शिप में आग लगने की घटना हुई थी। इस जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर्स थे, जिन्हें ओमान सरकार की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया।
बुधवार (10 जून) का अटैक: इसके बाद 'सेटेबेलो' नाम के कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ। इस शिप पर भी 24 भारतीय सवार थे। इनमें से 21 को तो निकाल लिया गया, लेकिन 3 नाविक लापता हो गए। केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि उन 3 नाविकों की दुखद मौत हो गई है।
गुरुवार (11 जून): और अब 24 घंटे बीतने से पहले ही शिनास पोर्ट के पास MT जलवीर को निशाना बना लिया गया।
भारत सरकार का कड़ा एक्शन
सेटेबेलो शिप पर हुए हमले और उसमें 3 भारतीयों की मौत के बाद भारत सरकार ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में अमेरिकी प्रभारी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब किया और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
भारत ने स्पष्ट किया है कि कमर्शियल शिप्स पर लगातार हो रहे ये हमले बेहद चिंताजनक हैं। विदेश मंत्रालय का साफ कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से समंदर में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होनी चाहिए और आम नागरिकों या उनके जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए।
आखिर क्यों हो रहे हैं ये हमले?
यह पूरा विवाद अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी का नतीजा माना जा रहा है। रॉयटर्स ने ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप एम्ब्रे के हवाले से बताया है कि ये हमले संभवतः ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के लिए चलाए जा रहे अमेरिकी ऑपरेशंस का हिस्सा हैं। समंदर में खतरे को देखते हुए क्रू मेंबर्स को पहले ही अलर्ट किया जा चुका है कि किसी भी हमले की स्थिति में वे शिप के पिछले हिस्से की बजाय आगे की तरफ रहें।
फिलहाल, इस जियोपॉलिटिकल टेंशन का सीधा और सबसे ज्यादा नुकसान उन आम नाविकों को हो रहा है, जो सिर्फ अपना काम करने समंदर में जाते हैं। भारत सरकार ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए मसला सुलझाने की अपील की है।

