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Prateek Yadav Death Inside Story: 6 घंटे में 2 बार गए अस्पताल, PM रिपोर्ट में सामने आई मौत की असली वजह

सार: अपर्णा यादव के पति और मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के अचानक निधन से हर कोई सदमे में है। नई जानकारी के मुताबिक, मौत से पहले 6 घंटे के भीतर उन्हें दो बार अस्पताल ले जाया गया था। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि उनकी जान 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' नाम की एक मेडिकल कंडीशन के कारण गई है। आइए जानते हैं उस रात से लेकर सुबह तक की पूरी इनसाइड स्टोरी पुलिस की जांच और अखिलेश यादव के उस बयान के पीछे की कहानी जिसने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

6 घंटे में दो बार गए हॉस्पिटल

प्रतीक यादव की मौत को लेकर कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। उनके जिम के दोस्त सर्वेश पांडेय ने बताया कि मंगलवार देर रात 11-12 बजे के करीब उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के बाद उनकी तबीयत में कुछ सुधार हुआ और वे वापस घर आ गए। लेकिन बुधवार सुबह अचानक उनकी हालत फिर से बिगड़ गई। 

सुबह करीब 5:30 बजे उनका ड्राइवर दौड़ता हुआ सिविल अस्पताल पहुंचा और मेडिकल स्टाफ से कहा, "भैया की तबीयत खराब है, जल्दी चलिए।" जब मेडिकल टीम उनके घर पहुंची, तब तक शरीर में कोई मूवमेंट नहीं था।

किचन में बेसुध होकर गिरे

परिवार के करीबी बिजनेसमैन मुकेश बहादुर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह प्रतीक अचानक घर के किचन में बेसुध होकर गिर पड़े थे। इसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। मुकेश ने यह भी साफ किया कि उन्होंने बॉडी को करीब से देखा था, न तो शरीर पर कोई बाहरी चोट का निशान था और न ही शरीर नीला पड़ा था। 

सोशल मीडिया पर चल रही सस्पेक्टेड पॉइजन जैसी बातें सिर्फ अफवाह हैं। सिविल अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने भी किसी भी तरह के जहर वाली बात से साफ इनकार किया है।

PM रिपोर्ट में मौत का असली कारण: Pulmonary Embolism

फिटनेस की दुनिया में एक्टिव रहने वाले प्रतीक की जान कैसे चली गई, इस रहस्य से पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पर्दा उठा दिया है। जांच में मौत का कारण Pulmonary Embolism बताया गया है।

  • यह क्या होता है? इस स्थिति में खून का थक्का (Blood Clot) बनकर फेफड़ों की धमनियों में फंस जाता है।
  • इससे फेफड़ों तक ब्लड और ऑक्सीजन की सप्लाई अचानक रुक जाती है।
  • नतीजतन, दिल के दाहिने हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट फेल हो सकता है।
  • प्रतीक के मामले में यह क्लॉट काफी बड़ा था, जिससे कुछ ही मिनटों में उनकी सांसें रुक गईं।

जांच और अखिलेश यादव का बयान

पोस्टमार्टम में किसी भी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन डॉक्टरों ने आगे की विस्तृत जांच के लिए विसरा और हार्ट को प्रिजर्व कर लिया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम भी इस बात की जांच कर रही है कि सुबह घर में अचानक क्या हुआ था।

इसी बीच, अखिलेश यादव के एक बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक अपनी हेल्थ को लेकर काफी अवेयर थे। उन्होंने आगे कहा कि "कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो जाता है।" अखिलेश के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या प्रतीक यादव अपने रियल एस्टेट या जिम बिजनेस में किसी भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।

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