Raghav Chadha in BJP: राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका देते हुए सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने का एलान कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही आप में बड़ी टूट सामने आई है। राघव चड्ढा ने संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की जानकारी दी।
राघव चड्ढा ने कहा, "हमने तय किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सदस्य संविधान के प्रावधानों के अनुसार बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।"
पार्टी में जिम्मेदारी बदले जाने के बाद बढ़ा विवाद
इस महीने की शुरुआत में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी राघव चड्ढा से हटाकर अशोक कुमार मित्तल को सौंप दी थी। इस फैसले पर राघव चड्ढा ने सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि वह लगातार जनहित के मुद्दे उठाते रहे हैं और पूछा था कि इससे पार्टी को क्या नुकसान हुआ।
तीन सांसदों का एक साथ बड़ा फैसला
राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल - तीनों राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया है। इसे आम आदमी पार्टी के भीतर बड़ी फूट के रूप में देखा जा रहा है।
राघव चड्ढा ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी देश के लिए नहीं, अपने पर्सनल फायदे के लिए काम कर रही थी। जो पार्टी करप्शन हटाने के नाम पर बनी थी, वह अब समझौता कर चुकी है।"
उन्होंने आगे कहा कि वह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे हैं और उन्होंने इसे अपने खून-पसीने से सींचा है, लेकिन अब पार्टी पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल से वह पार्टी की गतिविधियों से दूर थे क्योंकि वह पार्टी के गलत कार्यों के साथ खड़े नहीं थे।
संदीप पाठक ने भी तोड़ा नाता
संदीप पाठक ने भी आम आदमी पार्टी से अलग होने का ऐलान करते हुए कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा समय आएगा, लेकिन आज मैं आम आदमी पार्टी से अपने रिश्ते खत्म कर रहा हूं। मैं देश सेवा के उद्देश्य से राजनीति में आया था और पूरी ईमानदारी से काम किया। अब मेरे रास्ते अलग हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और अरविंद केजरीवाल को प्राथमिकता दी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं।
राघव चड्ढा ने दावा किया कि हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालिवाल और विक्रम साहनी भी बीजेपी में शामिल होंगे। अगर ऐसा होता है तो यह आम आदमी पार्टी के लिए और बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है।
अशोक मित्तल का रुख भी बदला
हाल ही में राघव चड्ढा की जगह अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाया गया था, लेकिन अब वह भी राघव चड्ढा के साथ बीजेपी में जाने के फैसले में शामिल हो गए हैं। कुछ दिनों पहले अशोक मित्तल के यहां छापेमारी की कार्रवाई भी हुई थी, जिससे राजनीतिक माहौल पहले ही गरम था।
इस घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी की आंतरिक स्थिति और नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं बीजेपी के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।

