Type Here to Get Search Results !

HindiFiles में आपका स्वागत है

प्रीमियम अपडेट, ब्रेकिंग न्यूज़ और एक्सक्लूसिव कंटेंट पाने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।

मंगलवार की आरती | Mangalvar Ki Aarti

Mangalvar Ki Aarti: मंगलवार को पवन पुत्र हनुमान का दिन माना जाता है। इस दिन बजरंगबली के भक्त मंगलवार व्रत भी रहते हैं, जिसमें पूजा अर्चना के साथ कथा आरती चालीसा का भी पाठ करते हैं। जिससे बजरंगबली उनकी मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं। 

Mangalvar vrat Aarti

मंगलवार की आरती

मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता, मंगल मंगल देव अनन्ता
हाथ वज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेउ साजे
शंकर सुवन केसरी नन्दन, तेज प्रताप महा जग वन्दन॥

लाल लंगोट लाल दोउ नयना, पर्वत सम फारत है सेना।
काल अकाल जुद्ध किलकारी, देश उजारत क्रुद्ध अपारी॥

राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनि पुत्र पवन सुत नामा।
महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥

भूमि पुत्र कंचन बरसावे, राजपाट पुर देश दिवाव।
शत्रुन काट-काट महिं डारे, बन्धन व्याधि विपत्ति निवारें॥

आपन तेज सम्हारो आपे, तीनो लोक हांक ते कांपै।
सब सुख लहैं तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहू को डरना॥

तुम्हरे भजन सकल संसारा, दया करो सुख दृष्टि अपारा।
रामदण्ड कालहु को दण्डा, तुमरे परस होत सब खण्डा॥

पवन पुत्र धरती के पूता, दो मिल काज करो अवधूता।
हर प्राणी शरणागत आये, चरण कमल में शीश नवाये॥

रोग शोक बहुत विपत्ति घिराने, दरिद्र दुःख बन्धन प्रकटाने।
तुम तज और न मेटन हारा, दोउ तुम हो महावीर अपारा॥

दारिद्र दहन ऋण त्रासा, करो रोग दुःस्वप्न विनाशा।
शत्रुन करो चरन के चेरे, तुम स्वामी हम सेवक तेरे॥

विपत्ति हरन मंगल देवा अंगीकार करो यह सेवा।
मुदित भक्त विनती यह मोरी, देउ महाधन लाख करोरी॥

श्री मंगल जी की आरती हनुमत सहितासु गाई।
होइ मनोरथ सिद्ध जब अन्त विष्णुपुर जाई॥

Ads

#codes

Ads