Kolkata Stampede:उत्तरी कोलकाता के ऐतिहासिक चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में सप्तमी की शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ मची भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की शुरुआती जांच में पूजा कमेटी की भारी लापरवाही और खराब प्लानिंग के पुख्ता सबूत मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से पता चला है कि संकरे गेट, खराब मैनेजमेंट और एक डरावनी अफवाह ने इस पंडाल को मौत के जाल में बदल दिया। आइए जानते हैं इस भीषण हादसे के पीछे की 5 सबसे बड़ी वजहें।
संकरा रास्ता और छोटा एंट्री-एग्जिट गेट
जांच में सबसे पहली बात यह सामने आई कि पंडाल का एंट्री और एग्जिट गेट वहां आने वाली भीड़ के हिसाब से बहुत छोटा और संकरा था। जब बाहर तेज बारिश शुरू हुई और अंदर अफरा-तफरी मची, तो लोग बाहर निकलने के लिए एंट्री गेट की तरफ ही भागने लगे। जगह कम होने की वजह से लोगों का आना-जाना पूरी तरह ब्लॉक हो गया और आगे खड़े लोग भीड़ के दबाव में नीचे गिरकर कुचले गए। ऊपर से आयोजकों के कन्फ्यूजन भरे अनाउंसमेंट ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
भूल-भुलैया जैसा पंडाल डिजाइन
पश्चिम बंगाल के फायर मिनिस्टर कौशिक चौधरी ने मौके का मुआयना करने के बाद बताया कि पंडाल का डिजाइन किसी भूल-भुलैया जैसा जटिल बनाया गया था। वहां से सीधे बाहर निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं था। बाहर हो रही बारिश और अफवाह की वजह से घबराए लोगों को बाहर जाने का सीधा रास्ता समझ ही नहीं आया। ऐसे में सैकड़ों लोग एक ही संकरे गलियारे में फंस गए।
अंधेरा और रास्ते में रुका लाइट शो
फायर ब्रिगेड और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थीम के नाम पर पंडाल के अंदर रोशनी का सही इंतजाम नहीं था और काफी अंधेरा रखा गया था। इसी बीच अंदर एक लाइट शो चल रहा था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग रास्ते के बीच में ही रुक गए। पीछे से भीड़ का दबाव बढ़ता गया और अंधेरे की वजह से लोगों को एग्जिट साइनबोर्ड भी नहीं दिखे, जिससे लोग और ज्यादा घबरा गए।
'ढांचा गिरने वाला है' की दहशत भरी अफवाह
इस हादसे को ट्रिगर करने का सबसे बड़ा कारण लाउडस्पीकर पर किया गया एक पैनिक अनाउंसमेंट था। पुलिस की जांच में एक ऐसा वीडियो फुटेज सामने आया है, जिसमें सुना जा सकता है कि, "पंडाल का ढांचा गिरने वाला है, तुरंत बाहर निकल जाएं।" इस चेतावनी ने अंदर मौजूद लोगों में भयंकर दहशत फैला दी और सब अपनी जान बचाने के लिए एक साथ दरवाजों की तरफ भागे। कोलकाता पुलिस अब गंभीरता से इस बात की जांच कर रही है कि यह अनाधिकारिक अनाउंसमेंट किसने और किसके कहने पर किया था।
सिक्योरिटी और मैनेजमेंट की भारी कमी
जांच में यह भी साफ हुआ है कि लाखों की भीड़ खींचने वाले इस बड़े आयोजन में सिक्योरिटी गार्ड्स और वॉलंटियर्स की संख्या न के बराबर थी। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही लाइन लगवाने का कोई ठोस सिस्टम बनाया गया था। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर अब पुलिस पूजा कमेटी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस रही है और चश्मदीदों के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

