Barabanki News: यूपी के बाराबंकी से एक हैरान करने वाली और खुशियों भरी खबर सामने आई है। यहाँ के सूरतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक 35 वर्षीय महिला ने महज आधे घंटे के भीतर तीन बच्चों- एक बेटी और दो बेटों को जन्म दिया है। सबसे खास बात यह है कि बिना किसी ऑपरेशन के यह एक सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी थी। ट्रिपलेट प्रेग्नेंसी होने के बावजूद माँ और तीनों नवजात फिलहाल सुरक्षित हैं। इस आर्टिकल में हम आपको इस पूरी घटना और डॉक्टरों की राय के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
शनिवार दोपहर को सूरतगंज इलाके के नौबस्ता गांव के रहने वाले रोहित कुमार की 35 वर्षीय पत्नी मंजू को अचानक तेज लेबर पेन शुरू हुआ। घबराए हुए परिजन उन्हें तुरंत सूरतगंज CHC लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें फौरन लेबर रूम में शिफ्ट कर दिया।
स्टाफ नर्स सीमा ने बताया कि डिलीवरी का प्रोसेस शुरू होने के मात्र 30 मिनट के अंदर मंजू ने एक-एक करके तीन बच्चों को जन्म दिया। इनमें एक बेटी और दो बेटे शामिल हैं। जन्म के तुरंत बाद ही तीनों बच्चों को मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रख दिया गया।
5वें महीने में ही चल गया था Triplets का पता
परिवार वालों के मुताबिक, जब मंजू अपनी प्रेग्नेंसी के 5वें महीने में थीं, तब उनकी सोनोग्राफी (Sonography) कराई गई थी। उसी टेस्ट में यह साफ हो गया था कि उनके गर्भ में तीन बच्चे पल रहे हैं। इस जानकारी के बाद से ही परिवार लगातार डॉक्टरों के संपर्क में था और नियमित जांच करा रहा था। आपको बता दें कि मंजू की पहले से ही तीन बेटियां हैं। अब इन तीन नए मेहमानों के आने के बाद वह कुल 6 बच्चों की माँ बन गई हैं।
बच्चों का वजन कम, District Hospital किया गया रेफर
CHC के अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी ने बताया कि ट्रिपलेट प्रेग्नेंसी जैसे मुश्किल केस में भी तीनों बच्चों की सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी करा ली गई। डिलीवरी के बाद माँ और बच्चे दोनों की हालत स्थिर है, लेकिन बच्चों का वजन सामान्य से थोड़ा कम है। अस्पताल के मुताबिक, नवजात बच्ची का वजन लगभग 1 किलो और दोनों लड़कों का वजन 1.2-1.2 किलोग्राम है।
चूंकि सूरतगंज CHC में नवजातों के लिए SNCU (Special Newborn Care Unit) की सुविधा मौजूद नहीं है, इसलिए बेहतर देखभाल के लिए तीनों बच्चों को जिला अस्पताल (District Hospital) रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को अभी लगातार स्पेशल केयर की जरूरत है।
Triplet Pregnancy में क्या होते हैं खतरे?
इस केस के बारे में महिला डॉक्टर ज्योति तिवारी ने जानकारी दी कि ट्रिपलेट प्रेग्नेंसी काफी रेयर होती है। सामान्य प्रेग्नेंसी की तुलना में इसमें माँ और बच्चे दोनों के लिए रिस्क ज्यादा होता है। ऐसे मामलों में बच्चों का वजन कम होना या समय से पहले डिलीवरी होने के चांस बहुत अधिक होते हैं। उन्होंने कहा कि इन तमाम चुनौतियों के बावजूद तीनों बच्चों की सुरक्षित नॉर्मल डिलीवरी होना मेडिकल स्टाफ के लिए भी एक बड़ी कामयाबी है।
वहीं, जिले के CMO डॉ. रंजन गौतम ने भी इस केस को संवेदनशील बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रेग्नेंसी में लगातार मेडिकल चेकअप और सही डाइट बहुत जरूरी होती है। फिलहाल, तीनों नवजात शिशु एक्सपर्ट डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखे गए हैं।

