Type Here to Get Search Results !

BAT-BMS App Ban: सरकार ने ई-रिक्शा बंद करने वाले ऐप्स पर लगाया बैन, जानिए क्या है पूरा मामला

सार: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे थे, जिनमें लोग एक मोबाइल ऐप के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा को बीच सड़क पर ही बंद कर दे रहे थे। मजे और शरारत के नाम पर शुरू हुआ यह खेल ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी मुसीबत और सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया। इस गंभीर मामले पर तुरंत एक्शन लेते हुए भारत सरकार के आईटी मंत्रालय (MeitY) ने BAT-BMS समेत 3 ऐसे ऐप्स को ब्लॉक करने और उन्हें ऐप स्टोर्स से हटाने का सख्त आदेश जारी कर दिया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह पूरा माजरा क्या है और यह ऐप्स कैसे काम कर रहे थे।

सरकार ने क्यों लिया इन ऐप्स को हटाने का फैसला?

सरकार ने BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion नाम के तीन ऐप्स को तुरंत प्लेटफॉर्म्स से हटाने के निर्देश दिए हैं। इन ऐप्स पर आरोप है कि इनका गलत इस्तेमाल करके बैटरी से चलने वाले वाहनों (खासकर ई-रिक्शा) को रिमोटली यानी दूर बैठे ही बंद किया जा रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस मामले पर पूरी नजर बनाए हुए है। अगर इन तीनों के अलावा कोई और ऐप भी इसी तरह के गलत कामों में शामिल पाया गया, तो उसे भी तुरंत ब्लॉक कर दिया जाएगा। हालांकि आदेश के बाद भी ये ऐप्स कुछ प्लेटफॉर्म्स पर धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं।

क्या है BAT-BMS ऐप और यह कैसे काम करता है?

BAT-BMS एक रियल-टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है, जिसे चीन की कंपनी 'शेनजेन ग्रीनएनर्जी टेक्नोलॉजी' ने बनाया है।

  • मूल उद्देश्य: इस ऐप को ई-रिक्शा रोकने के लिए नहीं, बल्कि सोलर पैनल की बैटरियों और नावों-जहाजों में लगने वाली लिथियम बैटरियों की सेहत (जैसे- चार्जिंग स्टेटस, वोल्टेज, तापमान) पर नजर रखने के लिए बनाया गया था। इसमें सुरक्षा के लिहाज से ऑन/ऑफ का बटन भी दिया गया था ताकि जरूरत पड़ने पर मालिक बैटरी बंद कर सके।
  • गड़बड़ी कहाँ हुई: भारत के बाजारों में कई लोकल डीलर्स और असेंबलर्स ने जो सस्ती लिथियम-आयन बैटरियां ई-रिक्शा में लगाईं, उनके ब्लूटूथ कनेक्शन को बिना किसी पासवर्ड या बेहद कमजोर सुरक्षा के 'ओपन' छोड़ दिया।
  • बदमाशों ने उठाया फायदा: यह ऐप 10 से 15 मीटर के दायरे में ब्लूटूथ के जरिए काम करता है। रास्ते से गुजरने वाले शरारती तत्वों और बदमाशों ने इसी बात का फायदा उठाया। उन्होंने ऐप डाउनलोड किया, बिना पासवर्ड वाली ई-रिक्शा बैटरी से कनेक्ट किया और चलते रिक्शे की पावर सप्लाई को ऑफ कर दिया।

नोट: देश के सभी इलेक्ट्रिक वाहन इससे प्रभावित नहीं हैं। पुरानी लेड-एसिड बैटरी वाले ई-रिक्शा और मजबूत एन्क्रिप्शन व पासवर्ड प्रोटेक्शन वाली इलेक्ट्रिक कारों या स्कूटरों को इस ऐप से कोई खतरा नहीं है।

ऐसा करना मजाक नहीं, जेल ले जाने वाला 'साइबर क्राइम' है

अगर कोई सोच रहा है कि किसी का ई-रिक्शा बीच सड़क पर बंद कर देना महज एक मजाक है, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। साइबर लॉ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसा करना कानूनन एक गंभीर अपराध है।

इंटरनेशनल कमीशन ऑफ साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन पवन दुग्गल के अनुसार, ई-रिक्शा के कंप्यूटर या बैटरी सिस्टम में उसकी मर्जी के बिना सेंध लगाना IT Act 2000 की धारा 66 और धारा 43 के तहत दंडनीय अपराध है। इस जुर्म के लिए दोषी को 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

ई-रिक्शा चालक सुरक्षा के लिए क्या करें?

अगर आप एक ई-रिक्शा चालक हैं या आपके परिचित ई-रिक्शा चलाते हैं, तो इन बातों का खास ख्याल रखें:

  • तुरंत पासवर्ड लगवाएं: अपने नजदीकी बैटरी डीलर या मैकेनिक के पास जाएं और चेक करें कि आपकी लिथियम बैटरी का ब्लूटूथ बिना पासवर्ड के तो नहीं है।
  • डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें: अगर बैटरी में 1234 या 0000 जैसा आसान डिफॉल्ट पासवर्ड लगा है, तो उसे तुरंत बदलकर एक मजबूत और यूनिक पासवर्ड सेट करवाएं।
  • अचानक गाड़ी बंद होने पर क्या करें: अगर भारी ट्रैफिक के बीच आपका ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाए, तो घबराएं नहीं। तुरंत इंडिकेटर चालू करें, गाड़ी को सुरक्षित किनारे लगाएं और बैटरी के मुख्य स्विच (MCB) को एक बार ऑफ करके दोबारा ऑन (Reset) करें।

Ads

#codes

Ads